7वां वेतन आयोग: लवासा समिति ने जेटली को सौंपी रिपोर्ट, 196 भत्तों को घटाकर 88 करने का सुझाव

A high-level committee, the finance minister said (its report on Thursday 47 million public servants allowances 27 April), headed by Finance Secretary Asok Lwasa Arun Jetli submitted. Asok Lwasa committee was formed after the introduction of the Seventh Pay Commission's recommendations by the government in June last year.

नयी दिल्ली: वित्त सचिव अशोक लवासा की अगुवाई वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने 47 लाख सरकारी कर्मचारियों के भत्तों पर अपनी रिपोर्ट गुरुवार (27 अप्रैल) को वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपी. अशोक लवासा समिति का गठन पिछले साल जून में सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के बाद किया गया था.
वेतन समिति ने अभिनय, खजांची की सहायता, साइकिल, मसाला, उड़न दस्ता, बालों की कटिंग, राजभाषा, राजधानी, पोशाक, जूता, शॉर्टहैंड, साबुन, चश्मा, यूनिफॉर्म, सतर्कता और धुलाई जैसे भत्तों को समाप्त करने या उन्हें समाहित करने का सुझाव दिया था.
जेटली को रिपोर्ट सौंपने के बाद लवासा ने कहा कि समिति ने विभिन्न अंशधारकों द्वारा दिए गए सुझावों पर ध्यान दिया है. उन्होंने कहा कि अब इस रिपोर्ट की समीक्षा सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति करेगी और उसके बाद इसके मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. 
समिति ने 196 भत्तों में से 52 को पूरी तरह समाप्त करने और 36 अन्य को अन्य बड़े भत्तों में समाहित करने का सुझाव दिया है. समिति ने आवास किराया भत्ते (एचआरए) में 8 से 24 प्रतिशत की वृद्धि का सुझाव दिया है.
यदि वेतन आयोग की भत्तों पर सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाता है तो एक अनुमान के अनुसार इससे सरकार पर 29,300 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा. लवासा ने कहा कि सरकार सरकारी कर्मचारियों को संशोधित भत्तों के भुगतान की तारीख पर अंतिम फैसला करेगी.
source zee news

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