5 देश कर रहे रिसर्च: आखिर सिंहस्थ कुंभ में क्यों खुश हैं लोग, 20 हजार लोगों ने ये बताया

Research on people Simhasth Kumbha. Researcher from 5 countries are doing research why people in Kumbha are so happy?

Happy People in Simhasth Kumbh

उज्जैन/इंदौर: तेज धूप। 40 डिग्री से ज्यादा टेम्परेचर। अांधी-तूफान। 10 किमी पैदल चलना। फिर भी चेहरे पर थकान नहीं। आखिर सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की खुशी का राज क्या है..? इसकी वजह तलाश रही हैं पांच देशों की टीमें। अब तक के रिसर्च में पाया है कि क्षिप्रा में स्नान, निर्मल जल, महाकाल दर्शन, अध्यात्म, समागम और संतों से मुलाकात से लोग खुश रहते हैं। रिसर्च के लिए 20 हजार लोगों से बातचीत, ये बातें भी निकलकर आई सामने...

- यदि पैदल चलने, ट्रैफिक व जाम से छुटकारा मिल जाए तो यह खुशी दोगुनी हो सकती है।
- बता दें कि रिसर्च करने वाली टीम में भारत, नीदरलैंड, रूस, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड के एक्सपर्ट शामिल हैं।
20 हजार लोगों से बातचीत

-सिंहस्थ में पहली बार यह रिसर्च इंडो-डच प्रोजेक्ट के 45 कोर मेंबर कर रहे हैं।
- इंदौर, उज्जैन और अासपास के कॉलेज के 145 आईटी स्टूडेंट्स हेल्प कर रहे हैं।
- टीम अब तक 20 हजार लोगों से बातचीत कर चुकी है। रिसर्च में 18 सब्जेक्ट शामिल हैं।
- इनमें लोगों के व्यवहार, संतुष्टि, भीड़ की व्यवस्था, इमरजेंसी फैसिलिटीज, ट्रैफिक सिस्टम, भक्तों की श्रद्धा, ग्रुप लीडरशिप आदि शामिल हैं।
- टीम के मेंबर मुख्य स्नान पर्वों और अन्य दिनों श्रद्धालुओं के साथ रहते हैं। उनसे बातचीत कर उनके एक्सपीरियंस को जानते हैं।
- व्यवहारों को परखते हैं। उनके चलने की क्षमता, प्रशासन से उम्मीद, समस्याओं और खुश रहने के कारणों की स्टडी करते हैं।
बोझ उठाकर, कई किमी चलने के बाद भी खुश

- इसमें टीम ने पाया कि श्रद्धालु बोझ उठाकर, कई किमी चलने के बाद भी खुश रहते हैं।
- मंदिरों में दर्शन, क्षिप्रा में स्नान, संतों से मुलाकात के बाद उनके चेहरे पर खुशी और संतोष का भाव और बढ़ जाता है।
- यह भारत जैसे धार्मिक देश में ही संभव है। टीम रोजाना के रिसर्च पर शाम को ग्रुप स्टडी कर निष्कर्ष निकालती है।
-रिसर्च में ह्यूमन पॉवर, जीआईएस मैपिंग के साथ ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों का यूज किया जा रहा है।
लोगों को ट्रेंड करने की जरूरत

- रिसर्च में पता चला है कि प्रशासन के नियम व निर्देशों को कई बार लोग तोड़ देते हैं। इससे भीड़ के बीच खतरा बढ़ जाता है।
- इसलिए बड़े आयोजन से पहले लोगों को नियमों का पालन करने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
- टीम की मेंबर प्रो.मेघना कहती हैं कि यदि ट्रैफिक प्लान और ट्रैवल फैसिलिटीज बेहतर हो जाएं तो ये खुशी दोगुनी हो सकती है।
- रिसर्च टीम ने बताया कि वे प्रोेजेक्ट की रिपोर्ट भारत सरकार को भी सौपेंगे।
22 अप्रैल से 21 मई तक हो रहा है महाकुंभ का आयोजन
-22 अप्रैल से 21 मई तक उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन है।
-सिंहस्थ में कुल 10 स्नान हैं जिनमें से 3 शाही और बाकी पर्व स्नान हैं। अभी तक 5 स्नान हो चुके हैं और 5 बाकी हैं। 21 मई को अंतिम शाही स्नान होगा।
- उज्जैन के अलावा महाकुंभ का आयोजन हरिद्वार, इलाहाबाद, नासिक में हर 12 साल बाद होता है।
Source: Bhaskar

Post a Comment

News24x7

(c) News24x7

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget