बेटे की मौत का बदला ऐसे लिया पिता ने, कांपने लगे देखने वाले

A man killed another man son in doubt of killing his son.

Murder in Indore

इंदौर: डकाच्या में रविवार को हुए हत्याकांड की वजह एक पिता का शक था। बेटे की हत्या के बाद बदले की आग में जल रहे पिता अशोक मिश्रा ने डॉक्टर कैलाश कोठारी के बेटे पकंज को दिनदहाड़े एक के बाद एक पांच गोली मार दी। बदले का मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। कुछ ने तो आंखें बंद कर ली। पिता के सामने जवान बेटा लहूलुहान पड़ा था और पूरे कमरे में खून फैला था। पढ़ें, इस सनसनीखेज मर्डर की कहानी जुड़ी है 2 दिसंबर 2015 से...

- डकाच्या के मेडिकल स्टोर संचालक अशोक मिश्रा के 13 वर्षीय बेटे कार्तिक का 2 दिसंबर की रात अपहरण हो गया था।
- अपहर्ताओं ने पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी। दो दिन बाद कार्तिक का शव महेश्वर में नर्मदा नदी में मिला था।
- कार्तिक नौवीं कक्षा में था और सत्यसाईं चौराहे के पास स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने जाता था।

कार से ले गए थे बेटे का शव, अकेले किया था अंतिम संस्कार

- बेटे की मौत के बाद अशोक और उनके परिवार को गांववालों से नफरत हो गई थी। उन्होंने बेटे के अंतिम संस्कार में गांव के किसी भी व्यक्ति को शामिल होने नहीं दिया था।
- पति-पत्नी और बेटी अपनी कार में शव को लेकर श्मशानघाट पहुंचे और पिता ने अकेले ही अंतिम संस्कार कर दिया था। वहीं मां कार में बैठे-बैठे बेहोश हो गई थी।
- पुलिस ने कार्तिक का कत्ल करने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें से एक अशोक की दुकान के सामने मेडिकल स्टोर संचालित करता था। वहीं दूसरा पानी बतासे बेचता था।
- अशोक को बेटे की हत्या के मामले में डॉ. कैलाश कोठारी पर शक था। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोठारी से पूछताछ की थी, लेकिन पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला था।
- पुलिस ने भले ही कार्तिक हत्याकांड में डॉ. कोठारी को क्लीनचिट दे दी थी, लेकिन अशोक अभी भी अपने बेटे की हत्या का जिम्मेदार उन्हें ही मानता था।
- इसी लिए उसने डॉ. कोठारी के बेटे को गोलियों से भून दिया। जब गांव के लोगों ने उसे पकड़ा तो उसने कहा कि मेरे बेटे की मौत पर मुझे भी इतनी ही पीड़ा हुई थी।

पुरानी रंजिश में कराई थी पड़ोसी ने हत्या

कार्तिक के मर्डर का मास्टर माइंड पड़ोस में मेडिकल स्टोर का संचालक सुभाष पाटीदार था। उसकी अशोक से सालों पुरानी रंजिश थी। 2013 में अशोक की पत्नी ने उसे डंडे से मारा था। तब से वह बदले की फिराक में था। उसने गांव के ही दो लोगों को अपहरण और हत्या के लिए दो लाख रुपए की सुपारी में तैयार किया था। उसने कहा था कि चार-पांच लाख की फिरौती भी वसूल लेना, लेकिन बच्चे को हर हाल में मारना ताकि मां-पिता वियोग में तड़पते रहें।

धामनोद में हत्या, 40 किमी तक लाश लेकर घूमे थे आरोपी

कार्तिक को सत्यसाईं चौराहे से बाइक पर बैठाकर आरोपी बायपास होते हुए राऊ, मानपुर और धामनोद पहुंच गए। वहां से ही रात 9.20 बजे कार्तिक के पिता को कॉल कर फिरौती मांगी। कार्तिक ने विरोध शुरू कर दिया था। इस पर कन्हैया ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वहां से 40 किमी तक लाश को बाइक पर बीच में बैठाकर वे कसरावद पहुंचे। यहां नर्मदा के पुल से शव नदी में फेंक दिया था। 
Source: Bhaskar
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