कोर्ट कैंपस में हत्या के आरोपी को गोलियों से भूना, भारी हंगामा, 6 सिपाही सस्पेंड

Murder in court campus in front of police in Muzaffarpur Bihar

Murder in Court in Bihar

मुजफ्फरपुर(बिहार): मुजफ्फरपुर कोर्ट में सोमवार को दिनदहाड़े विचाराधीन कैदी की बदले की भावना से गोली मार कर हत्या कर दी गई। आरोपी सूरज सरफराज उर्फ प्रिंस हत्याकांड का आरोपी था। हमला कोर्ट परिसर से सीजेएम ट्रायल कोर्ट ले जाने के दौरान हुआ। अपराधी दो की संख्या में थे। नजदीक से सिर में मारी गोली...
- घटना से गुस्साए लोगों ने सूरज को ट्रायल कोर्ट ले जा रहे हवलदार बाढू रजक की जमकर पिटाई कर दी।
- कैदी वाहन के शीशे तोड़ दिए। बंदियों ने कोर्ट परिसर में हंगामा किया।
- वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने खुद को कोर्ट के एक रूम में बंद कर जान बचाई।
- इस बीच एक कैदी फरार हो गया। डीएम धर्मेंद्र सिंह और प्रभारी एसएसपी आनंद कुमार (सिटी एसपी) अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पहुंचे।
- सूरज को बैरिया के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हॉस्पिटल में भी सिपाही सुरेंद्र सिंह की भी पिटाई
- अस्पताल में भी लोगों ने जमादार सुरेंद्र सिंह को पीट कर जख्मी कर दिया।
- पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। शव को एसकेएमसीएच ले जाया गया।
- कई थानों की पुलिस की तैनाती के बावजूद लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस का गेट तोड़ दिया।
- मामले में लापरवाही बरतने पर 6 सिपाहियों को सस्पेंड और टाउन थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।

प्रिंस की हत्या के बाद ही सूरज को मारने की लिखी जा चुकी थी पटकथा

- प्रिंस हत्याकांड के बाद ही सूरज की हत्या की पटकथा तैयार हो चुकी थी।
- सूरज व प्रिंस का घर आसपास होने के बाद भी प्रिंस के परिजन बार-बार सूरज के घरवालों से बदला लेने की बात कह रहे थे।
- सूरज के परिजनों द्वारा खतरे की आशंका जाहिर करने के बाद भी पुलिस ने संजीदगी दिखाने के बदले लापरवाही बरती।
- सुरक्षा तो दूर, सूरज के घर पर हुए हमले के आरोपी शमशाद उर्फ औआ समेत दस आरोपी पर मामला सत्य पाए जाने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर रही थी।
- सात माह से उसके परिजन हर बड़े अधिकारी से सुरक्षा की गुहार लगा चुके थे। लेकिन, उनकी कोई सुन नहीं रहा था।
- पुलिस के आला अफसर भी मानते हैं कि सुनियोजित तरीके से बदमाशों ने दिनदहाड़े सूरज को मौत के घाट उतार दिया।
चौकस नहीं थी पुलिस
- जानकारों की मानें तो सूरज के हत्यारों ने वारदात के लिए ऐसा समय चुना जब पुलिस सुरक्षा को लेकर चौकस नहीं थी।
- तकरीबन एक साल पूर्व कोर्ट परिसर में हुए हमले के बाद सुरक्षा को लेकर बरती जा रही सख्ती भी समय के साथ ढीली पड़ चुकी थी।
- पुलिस के दो बड़े अधिकारी आईजी पारसनाथ और एसएसपी रंजीत मिश्रा के तबादले से शिथिल पुलिसिंग भी अपराधियों के लिए मुफीद साबित हुई।
- शायद यही वजह थी कोर्ट परिसर में भारी भीड़ होने के बाद भी दो अपराधियों में से एक ने एक के बाद एक तीन गोलियां सूरज पर झोंक दी और आराम से दूर खड़े बाइक सवार साथी के साथ वहां से निकल भागा।

भास्कर की पड़ताल
- पड़ोसियों ने बताया कि सूरज हत्याकांड के आरोपी सोमवार की सुबह नौ बजे पंकज मार्केट स्थित अपना घर खाली कर जा चुके थे।
- सुबह जब शमशाद के परिजन एक-एक कर अपना-अपना सामान लेकर घर से निकले, तो उन्होंने सवाल भी किए।
- उन लोगों ने कहा कि महुआ में एक रिश्तेदारी में शादी है, वहीं जा रहे हैं।
- पड़ोसियों को आधे घंटे बाद ही सूरज की हत्या की सूचना मिली।
- ऐसे में माना जा रहा है कि सूरज की मौत का ताना- बाना पहले ही बुना जा चुका था।

243 दिनों बाद लिया मौत का बदला

- 12 अगस्त 2015 को पंकज मार्केट निवासी सरफराज उर्फ प्रिंस की सिकंदरपुर में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
- उसके पिता मो. वसीम ने अपने ही पड़ोसी सूरज, उसके भाई सन्नी उर्फ शशिकांत, दीनानाथ महतो, कुंदन कुमार, दीपक कुमार, चंदन यादव, सूरज के पिता नागेंद्र साह व प्रमोद महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
- नगर डीएसपी ने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में नागेंद्र साह व प्रमोद के बिंदु पर छानबीन का निर्देश देते हुए छह पर मामला सत्य पाया था।
- तत्कालीन आईओ नसीम अहमद ने सन्नी, चंदन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 19 अगस्त को सूरज ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
Source: Bhaskar
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