41 युद्धों में कभी हारे नहीं थे बाजीराव, समाधि की हालत पर रो पड़े वंशज

Bajirao's descendants in Sanavad to give homage to him.

Bajirao ke Vansaj

सनावद/इंदौर: बाजीराव मस्तानी फिल्म ने भले ही बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों रुपए कमाए हों और कई पुरस्कार जीते हों । पर जिस शख्स पर ये फिल्म बनी है, उनकी समाधि को देखकर वंशज रो पड़े। बाजीराव ने 20 साल तक मराठा पेशवा रहने के दौरान 41 युद्ध लड़े और सभी जीते थे। आखिर क्यों रोए बाजीराव के वशंज...
-मराठा इतिहास के अजेय योद्धा बाजीराव पेशवा की 276वीं पुण्यतिथि पर खरगोन के रावेरखेड़ी पहुंचे उनके वंशज बदहाल समाधि देखकर रो पड़े।
-बाजीराव की 7वीं, 8वीं व 9वीं पीढ़ी के वंशज गुरुवार को श्रद्धांजलि देने रावेरखेड़ी पहुंचे थे।
-7वीं पीढ़ी के अशफाक अली बहादुर, 8वीं पीढ़ी के रूप में उनके बेटे शादाब अली बहादुर, बेटी यास्मिन, 9वीं पीढ़ी के अबरार अली, अयान अली बहादुर भोपाल से आए।
-इंदौर से उनके रिश्तेदार आवेश अली भी आए।
-समाधि स्थल की बदहाली देख और परिवार से बाजीराव के शौर्य को सुन शादाब अली बहादुर की बेगम शमीम बहादुर रो पड़ीं।
-शादाब अली बहादुर ने बताया बाजीराव पेशवा चीते से भी तेज थे, लेकिन हमें सनावद से यहां तक आने में ही तीन घंटे लग गए।
-समाधि स्थल तक पक्की सड़क भी नहीं है।
गेट देखा तो आंखों से आंसू निकलने लगे

-उन्होंने कहा समाधि स्थल के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने 8 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, लेकिन अभी तक सिर्फ 27 लाख रुपए ही खर्च हो सके।
-उन्होंने बताया जब मैंने दूर से ही समाधि स्थल का गेट देखा तो आंखों से आंसू निकलने लगे।
बाजीराव पेशवा चीते से भी तेज

-भोपाल से आए बांदा के नवाब अशफाक अली बहादुर के बेटे शादाब अली बहादुर ने बताया कि बाजीराव पेशवा चीते से भी तेज थे।
-लेकिन हमें सनावद से यहां तक आने में ही 3 घंटे का समय लग गया।
-बाजीराव पेशवा पर वह इतिहास भी लिख रहे हैं।
-उन्होंने कहा यहां मैं एक बात बताना चाहता हूं कि बाजीराव पेशवा व छत्रपति शिवाजी मुस्लिमों के दुश्मन नहीं थे।
-अफगानी और मुगल हमारे भारत के नहीं थे। हम आर्यन है।
-जब अफगानी और मुगलों ने भारत में घुसपैठ बढ़ाई तो शिवाजी व बाजीराव ने इन्हें रोका।
मस्तानी उस समय विश्व की सबसे सुंदर महिला थी

-उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें बहुत आघात पहुंचता है जब कोई उन्हें बोलता है कि यह मस्तानी के वंशज है।
-मस्तानी एक प्रिंसेस थी। जो युद्ध की सभी कलाएं जानती थी। वह उस समय विश्व की सबसे सुंदर महिला थी।
-बाजीराव व मस्तानी की मुलाकात के बारे में बताते हुए कहा कि स्वामी प्राणनाथ के सामने महाराजा छत्रसाल ने अपनी बेटी का विवाह कराया था।
संजयलीला भंसाली पर क्रिमिनल केस भी लगाने वाले हैं

-नवाब शादाब अली बहादुर की पत्नी शबीन बहादुर ने बताया कि बाजीराव मस्तानी फिल्म में कुछ सच्चाई ही दिखाई है, बाकी पूरी फिल्म बकवास है।
-इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में केस लगाया है।
-साथ ही फिल्म निर्माता संजयलीला भंसाली पर क्रिमिनल केस भी लगाने वाले हैं।
-यदि फिल्म बनाना थी तो हमसे अनुमति लेकर बनाते।
-हमारे पूर्वजों की बातें हमसे ज्यादा कौन जान सकता है।
-बाजीराव पेशवा व मस्तानी के वंशज की 7वीं पीढ़ी के नवाब अशफाक अली बहादुर ने बताया कि वह उनके नाम के आगे आज भी श्रीमंत लगाते हैं।
-उनके पूर्वज व बाजीराव के पुत्र शमशेर बहादुर 27 साल की उम्र में दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।
दोनों पीढ़ियों के बीच दूरियां

-कार्यक्रम में इंदौर से 9वीं पीढ़ी के आवेश बहादुर व उनका परिवार आया था।
-कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भोपाल से पहली बार रावेरखेड़ी आई बाजीराव की 7वीं पीढ़ी व बांदा के नवाब परिवार के बीच दूरियां साफ दिखाई दी।
-जब नवाब परिवार समाधिस्थल पर ग्रामीणों से चर्चा कर रहा था। तभी इंदौर से आई पीढ़ी का परिवार समाधिस्थल आया।
-यहां आवेश बहादुर के बच्चों ने भाेपाल से आए परिजनों से बात करना चाही, लेकिन बड़ों ने उन्हें रोक दिया।
-दोनों परिवार एक-दूसरे को अनदेखा कर लोगों से मिलते रहे। इसके बाद आवेश बहादुर का परिवार इंदौर रवाना हो गया।
Source: Bhaskar
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