यहां बीता मुकेश अंबानी का बचपन, फिर बनाया दुनिया का सबसे महंगा घर

Ambani family stayed in three place of Mumbai

Mukesh Ambani House
मुम्बई: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 19 अप्रैल को अपना बर्थडे मनाया। देश के सबसे अमीर गुजराती बिजनेसमैन मुकेश अंबानी का जन्म 1957 में यमन के अदेन शहर में हुआ, लेकिन उनका बचपन मुंबई के भुलेश्वर और कोलाबा स्थित मकानों में बीता। अब भी नहीं भूले मुकेश अंबानी इन मकानों को...
मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने इन मकानों से ही अपने बिजनेस की शुरुआत की थी। उनके दोनों बच्चों मुकेश और अनिल का बचपन यहीं बीता। आज मुकेश अंबानी का घर ‘एंटीलिया’ भले ही दुनिया का सबसे महंगा मकान हो, लेकिन वे अपने पुराने घरों को नहीं भूल पाए हैं, जहां उनका बचपन बीता। इन दोनों मकानों को स्वयं मुकेश अपने लिए खास मानते हैं। वे कई इंटरव्यू में इनका जिक्र कर चुके हैं।
मुकेश के लिए खास हैं ये मकान
किसी भी व्यक्ति को अपना बचपन हमेशा याद रहता है। अपने बचपन की यादों को सहेजने की इच्छा हर किसी में होती है। मुकेश भी इससे अलग नहीं है। अंबानी परिवार जब पहले-पहल मुम्बई आया, तब वे भुलेश्वर की चॉल और उसके बाद कोलाबा के See Wind अपार्टमेंट के एक मकान में कई साल तक रहे। इन मकानों को मुकेश अपने पिता के संघर्ष का प्रतीक मानते हैं।
पहले भुलेश्वर की चॉल में रहना हुआ
मुम्बई आने के पहले धीरूभाई यमन के अदेन शहर में 8 साल तक रहे। इसके बाद वे मुंबई आ गए और मसालों का बिजनेस शुरू किया। धीरूभाई और कोकिलाबेन ने दोनों बेटों मुकेश और अनिल के साथ सबसे पहले भुलेश्वर जय हिंद स्टेट (जिसे आज वेनीलाल हाउस के नाम से जाना जाता है) में दो कमरे के मकान में रहने की शुरुआत की। इसी मकान से उन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत की। यहां वे 1970 तक रहे।
आर्थिक स्थिति मजबूत होते ही See Wind अपार्टमेंट में रहने लगे
धीरूभाई ने अपनी सूझबूझ से एक अलग मुकाम हासिल किया। बिजनेस और आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद परिवार कोलाबा स्थित See Wind अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गया। यहां उन्होंने 14 फ्लोर में पूरा एक ब्लॉक ही खरीद लिया था। मुकेश ने पहले पेडर रोड पर हिल ग्रेंज हाईस्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद बाद माटुंगा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नालॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री ली। 1979-80 में मुकेश अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए करने चले गए।
प्रैक्टिकल नॉलेज पर यकीन करते थे धीरूभाई
धीरूभाई का मानना था कि इंसान जितना पढ़ाई से सीखता है, उससे कहीं ज्यादा संघर्षों से सीखता है। वे प्रैक्टिकल नॉलेज पर यकीन करते थे। इसलिए उन्होंने मुकेश की पढ़ाई बीच में ही छुड़वाकर उन्हें भारत में ही पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न (PFY) मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी। धीरूभाई का मुकेश के लिए यह निर्णय चुनौतीपूर्ण था, जिसे उन्होंने पूरी शिद्दत से निभाया। अपनी कुशलता और सीखने की लगन से उन्होंने लगातार तरक्की की और पिता के सपनों को साकार किया। आज दुनिया के सफल बिजनेसमैन के रूप में उनकी पहचान है।

दुनिया का सबसे महंगा मकान एंटीलिया
देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन बनने के बाद मुकेश अंबानी ने मुंबई में दुनिया का सबसे महंगा घर बनाया। अंबानी हाउस का ‘एंटीलिया’ नाम एक मिथिकल आइलैंड के नाम पर रखा गया है। इसे सूर्य कमल की थीम पर तैयार किया गया है। यह 4 लाख स्क्वेयर फीट में फैला हुआ है। इस 27 मंजिला बिल्डिंग के 6 माले पर पार्किंग और गैरेज बनाए गए हैं। घर की छत क्रिस्टल से सजाई गई है। एक थिएटर, तीन हैलिपेड, बार और आधुनिक साधनों से युक्त जिम और बालरूम भी हैं।
Source: Bhaskar

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